Urdu Shair / Lyricist
बढ़ ज़रा भी जो जाए तो इक दिन
चलती क़ैची है छाँटा जाता है
नाक का बाल जिसके भी हो तुम
नाक का बाल काटा जाता है
शाइर
सैफ़ बाबर
Saif Babar
Mohd Saif Babar
+91 9936008545
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