17 January 2026

सैफ़ बाबर (Mohd Saif Babar) के आज फिर कुछ क़ित'आत

हो कर वो कामयाब ज़माने पे छा गए

बच्चे जो अपनी माँ के इशारे पे आ गए

रख कर वो हाथ-हाथ पे सब बेचते रहे 

जिनके लिए हवेलियाँ पुरखे बना गए

शाइर

सैफ़ बाबर

(Mohd Saif Babar)

+91 9936008545

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जितनी ऊँची उड़ान जाएगा 

उतना ही ये जहान पाएगा 

हौसले बाँध कर परों में रख 

हाथ तब आसमान आएगा 

शाइर 

सैफ़ बाबर

(Mohd Saif Babar)

+91 9936008545 

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किरदार की दौलत से है क़ीमत ये हमारी 

तुम करते रहो गाँव में घोड़े की सवारी 

हक़ मार के बहनों का जो बनते हो ज़मीदार

नज़रों में तो बहनों की हो तुम सिर्फ़ तो भिकारी

शाइर

सैफ़ बाबर

(Mohd Saif Babar)

+91 9936008545 

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शर्म आती हो गले मिलने में हमसे तो अभी 

इक इशारे पे तेरे तुझ से लिपट लेंगे हम

खुल के कर बात अगर बात ही करना है तुझे 

तू ज़माने से न डर इससे निपट लेंगे हम 

शाइर

सैफ़ बाबर

(Mohd Saif Babar)

+91 9936008545

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